कोरोना के बीच महाराष्ट्र के लोनार झील का पानी हुआ लाल,वैज्ञानिक भी हैरान

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कोरोना के बीच महाराष्ट्र के लोनार झील का पानी हुआ लाल,वैज्ञानिक भी हैरान 

कोरोना के बीच महाराष्ट्र के लोनार झील का पानी हुआ लाल,वैज्ञानिक भी हैरान
 

महाराष्ट्र न्यूज़: महाराष्ट्र के मुम्बई से 500 किलोमीटर दूर बुलढाणा जिले मे स्थित लोनार झील का पानी का रंग अचानक लाल हो गया है। झील के रंग बदलते पानी को देख कर वैज्ञानिक भी हैरान हैं।

लोनार झील एक खारे पानी की झील है। जिसका निर्माण 50000 साल पहले एक उल्का पिंड के पृथ्वी से टकराने से हुआ है। इसका व्यास करीब 1.2 किलोमीटर है। ऐसा माना जाता है कि इस उल्का पिंड का वजन 10 लाख टन था।
लोनार झील संरक्षण और विकास समिति के सदस्य गजानन खराट ने बताया कि यह झील अधिसूचित राष्ट्रीय भौगोलिक धरोहर स्मारक है। इसका पानी खारा है और इसका पीएच स्तर 10.5 है। 
खराट ने बताया कि ‘पानी की सतह से एक मीटर नीचे ऑक्सीजन नहीं है। ईरान की एक झील का पानी भी लवणता के कारण लाल रंग का हो गया था।’
उन्होंने ने बताया कि बारिश नहीं होने से लोनार झील में जल का स्तर अभी कम है। जिसके कारण खारापन बढ़ा होगा। और शैवाल की प्रकृति भी बदली होगी।
औरंगाबाद के डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के प्रमुख डॉ. मदन सूर्यवंशी ने कहा कि जिस तरह से इतने बड़े झील के पानी का रंग बदला है उस को देखते हुए कहा जा सकता है कि इसमें कोई मानवीय दखल का मामला नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि ‘पानी में मौसम के मुताबिक बदलाव आता है और लोनार झील में भी मामला यही हो सकता है। अगर हम एक हफ्ते में वहां जा सकते हैं तो बदलाव की जांच कर पाएंगे। तभी इसके बारे में कुछ और बता सकेंगे।’