कोरोनावायरस टेस्टिंग मानकों में दो और नए लक्षण जोडे जा सकते हैं।

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कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने के लिए कोरोना वायरस टेस्टिंग मानकों में दो और नए लक्षण जोडे जा सकते हैं।

कोरोनावायरस टेस्टिंग मानकों में दो और नए लक्षण जोडे जा सकते हैं।

 

भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा परिषद आईसीएमआर के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है।

 
नई दिल्ली न्यूज़: कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने के लिए कोरोना वायरस टेस्टिंग मानकों में दो और नए लक्षण जोडे जा सकते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा परिषद आईसीएमआर के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। आईसीएमआर की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार कोविड-19 के मानकों का विस्तार करना चाहती है।  इसका मकसद कोरोना मानक लक्षणों में दो नए लक्षणों को जोड़ना है। इस प्रस्ताव को विचार के लिए नेशनल टास्क फोर्स के सामने भी रखा गया है।
आईसीएमआर द्वारा बनाए गए नेशनल टास्क फोर्स के सामने यह मुद्दा इसलिए लाया गया कि कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं। जिसमें मरीज सूंघने  और स्वाद चखने की क्षमता खो चुका था। सूंघने की और स्वाद चखने की क्षमता खोने को भी कोविड-19 की जांच में शामिल करने पर अभी चर्चा चल रही है। हालांकि इस पर अभी कोई फैसला नहीं हो सका है। बता दें कि कोरोनावायरस टेस्टिंग मानक का पहला मानक जनवरी में तय किया गया था। उसमें बुखार खांसी और सांस लेने में तकलीफ शामिल थी। बाद में मई में डायरिया उल्टी को भी जोड़ा गया। स्वाद और सूंघने की क्षमता खोने को सूची में जोड़ा जाता है। तो कोरोना टेस्टिंग सिम्टम्स की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। फिलहाल देश में कोरोना टेस्टिंग कि 13 क्लीनिकल सिस्टम का एक स्टैंडर्ड सेट है इसमें बुखार खांसी दस्त उल्टी पेट में दर्द सांस फूलना मितली मोटाई से शरीर में दर्द गले में खराश सीने में दर्द नाक से पानी निकलना और त थुख शामिल है। जिस रोगी में 1 या उससे अधिक सिम्टम्स पाए जाते हैं। उसे कोविड-19 की टेस्टिंग के लिए परमिशन में जाती है ।
नेशनल ट्रांसपोर्ट के सदस्य टेस्टिंग स्टैंडर्ड को अपडेट करने के लिए दुनिया और भारत में मौजूद क्लिनिकल डाटा को अपना आधार बना रहे हैं। अप्रैल में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोपीय संघ के देशों संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर कोरोना के प्रमुख लक्षणों में से एक  सूंघने की और स्वाद चखने की क्षमता खोने को भी जोड़ा था।